नई दिल्ली। अगले साल होने वाले पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्र सरकार किसान आंदोलन के मुद्दे पर नरम पड़ रही है। केंद्र सरकार की तरफ से तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद भी किसान संगठनों का आंदोलन जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून समेत 6 मांगों पर अड़ा हुआ है। हालांकि सरकार भी अब किसानों के सामने नरम होती हुई दिखाई दे रही है।

मोर्चा की बैठक में होगा नामों पर फैसला

जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने एमएसपी मुद्दे पर बातचीत के लिए किसानों से पांच नाम मांगे हैं। किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने बताया कि एमएसपी समेत अन्य मुद्दों पर समिति के लिए सरकार ने किसान संगठनों से पांच नाम मांगे हैं, संयुक्त किसान मोर्चा 4 दिसंबर की बैठक में नाम तय करेगा। गौरतलब है कि पंजाब के किसान संगठनों ने सोमवार को अहम बैठक की थी। जिसके बाद जानकारी सामने आई कि 1 नवंबर को किसानों की आपात बैठक बुलाई गई है।

किसान नेताओं ने सोमवार को कहा कि यह हमारी जीत है और एक ऐतिहासिक दिन है। हम किसानों के खिलाफ मामले वापस लिया जाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि फसलों के लिए एमएसपी पर एक समिति गठित की जाए। केंद्र के पास हमारी मांगों का जवाब देने के लिए कल (मंगलवार) तक का समय है। हमने भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुधवार को एसकेएम की एक आपात बैठक बुलाई है।