– एमिटी में ‘संस्थान से एसोटेरिका तक गणित’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन

नोएडा। महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 134वीं जयंती- राष्ट्रीय गणित दिवस पर एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एप्लाइड सांइसेस द्वारा ‘संस्थान से एसोटेरिका तक गणितÓ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अहमदाबाद के गुजरात विश्वविद्यालय की गणित विभाग की प्रमुख प्रो नीता एच शाह ने छात्रों को जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एप्लाइड सांइस के गणित विभाग के प्रमुख डा. मनदीप मित्तल और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एप्लाइड सांइस के गणित विभाग की डा. वंदानी वर्मा ने प्रो. शाह का स्वागत किया।

व्याख्यान सत्र कार्यक्रम में अहमदाबाद के गुजरात विश्वविद्यालय की गणित विभाग की प्रमुख प्रो. नीता एच शाह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक निरंतर चलने वाला वाद विवाद है कि गणित केवल मानव मस्तिष्क में मौजूद ज्ञान है या बिना किसी बाहरी वास्तविकता के मानव बुद्धि का निर्माण या आविष्कार है या यह खोजे जाने वाले कुछ अमूर्त सत्य के रूप में मौजूद है। इन तथ्यों के मध्य कोई भ्रम नही है विज्ञान द्वारा प्राप्त और गणित द्वारा प्रकट अंतर्दृष्टि है। वास्तविकता को समझने के हमारे प्रयासों के इन दो आयामों के बीच कोई मौलिक संघर्ष नहीं हो सकता है। विज्ञान स्वाभाविक रूप से एक मौलिक विश्वास पर निर्भर करता है। ब्रहमांड तर्कसंगत है, क्योंकि यदि कोई अनुक्रम नहीं होता तो विज्ञान स्वयं ही विवादस्पद हो जाता है। गणित ने हमें हमेशा चीजों की वास्तविकता में अंर्तदृष्टि प्रदान की है। यहां तक जो हमें काल्पनिक संख्याओं से लेकर ब्लैक होल तक के अनुभवजन्य रूप से दूर करते है।

गणित में दो गुना प्रकृति है। प्रथम यह तार्किक रूप से सहज उपकरण है, जो हमें वास्तविकता की मूलभूत विशेषताओं की खोज करने हेतु सक्षम बनाता है। गणित केवल उस वास्तविकता की वैज्ञानिक व्याख्या की आधारिक संरचना को नही प्रदान करता, बल्कि वास्तविकता स्वयं गणितीय सत्य के अनुरूप है। इस भौतिक विश्व का संचालन गणित के नियम और तर्क से होता है। तर्क शाश्वत सत्य के नियमों पर आधारित है। प्रो. शाह ने कहा कि व्यक्ति सीखता है कि प्रकृति के पास एक ऐसा आदेश है जिसके केवल समझने की इच्छा हो सकती है और यह केवल गणित द्वारा ही संभव है।

एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ एप्लाइड सांइस के गणित विभाग की डा. वंदानी वर्मा ने स्वागत करते हुए कहा कि एमिटी में हम छात्रों को इस प्रकार के व्याख्यान सत्रों द्वारा गणित क्षेत्र के विशेषज्ञों से मिलने का मौका प्रदान करते हैं, जिसमें वे गणित शोध के प्रति मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 134वीं जयंती- राष्ट्रीय गणित दिवस इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में गणित के प्रति रूचि को विकसित करना और महत्व को बताना है। इस अवसर पर प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान छात्रों ने कई प्रश्न किये, जिनके उन्हें जवाब प्राप्त हुए।