– अकादमिक और उद्यमी एमिटी एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित

नोएडा। छात्रों के अंदर उद्यमिता और नेतृत्वता जैसे गुणों के विकास, उद्यमियों, अकादमिकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करने हेतु एमिटी बिजनेस स्कूल द्वारा ‘नव वास्तविकता में अग्रणी-कार्यों में अंतर्दृष्टिÓ विषय पर आयोजित ऑनलाइन 7वें ग्लोबल लीडरशिप रिसर्च सम्मेलन का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किये।

ग्लोबल लीडरशिप रिसर्च सम्मेलन के समापन समारोह में यूके के वोल्वेरहंपटन विश्वविद्यालय के फैमिली बिजनेस के प्रोफेसर डा. योंग वैंग, लैनकास्टर विश्वविद्यालय के मैनजमेंट स्कूल के एसोसिएट डीन प्रो. मारवान इजेलडीन, विनचेस्टर विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्टूडेंट इंगेजमेंट के निदेशक टॉम लोय, एक्सीकॉम टेली सिस्टम लिमिटेड के रणनीति और व्यापार विकास के उपाध्यक्ष प्रियांक अग्रवाल और टीआरपी एक्सपोर्ट लिमिटेड के एमडी राकेश अग्रवाल को एमिटी एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

विज्ञान और इंजीनियरिग अनुसंधान बोर्ड के सचिव प्रो. संदीप वर्मा ने कहा कि हम भविष्य की ओर आशा और प्रत्याशा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमारे पास निश्चित रूप से सही नेतृत्व, कौशल, बौद्धिक संपदा और क्षमता है। विज्ञान और तकनीक की आवश्यकता केवल समाज की भलाई के लिए ही नहीं, बल्कि महामारी जैसे अनिश्चित दौर की चुनौतीयों से निपटने के लिए भी आवश्यक है। वैक्सीनेशन और महामारी के दौरान किये गये प्रबंधन ने हमारे नेतृत्व को दर्शाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के विज्ञान और तकनीकी विभाग, शोध और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य कर रहा है।

एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा. अशोक कुमार चौहान ने कहा कि शोध और नवाचार देश, समाज के लिए महत्वपूर्ण है। हम छात्रों को वर्तमान की चुनौतीयों से निपटने और भविष्य के दृष्टिकोण को देखने की क्षमता प्रदान करते हैं। भारत बहुत जल्द ही नवाचार की महाशक्ति बनेगा। हर संकट, अविश्वसनीय अवसरो के साथ आता है और परिवर्तन के लिए उसका उपयोग करना चाहिए। विश्व में भारतीयों की क्षमता का कोई मुकाबला नहीं है।

यूके के वोल्वेरहंपटन विश्वविद्यालय के फैमिली बिजनेस के प्रोफेसर डा. योंग वैंग ने कहा कि कई बड़े व्यापार जो फैमिली बिजनेस के अंतर्गत आते हैं, उन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी काफी तरक्की की है। फैमिली बिजनेस, वैश्विक जीडीपी के 50 से 80 प्रतिशत का निर्माण करते हैं, जिसके अंतर्गत कनाडा में 60 प्रतिशत, यूरोप में 70 प्रतिशत, चीन में 55 प्रतिशत, भारत में 65 प्रतिशत है। फैमिली बिजनेस की चुनौतीयों को बताते हुए कहा कि संर्घष और सुशासन, लचीलापन और अनुकूलन, तकनीकी, स्थायीत्व, पारिवारिक और गैर पारिवारिक नेतृत्व, अगली पीढ़ी की भूमिका आदि है।

रिलायंस रिटेल लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं कोरपोरेट स्ट्रैटजी एवं प्लानिंग के प्रमुख रितेश जैन (एमिटी बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र) ने कहा कि डाटा आने वाल समय में और भी महत्वपूर्ण होगा और डाटा केवल जमा नहीं करना बल्कि नई तकनीको से उसका उपयोग करना भी आवश्यक है। एमिटी में शिक्षण के दौरान हमने प्रबंधन की बारिकियों के साथ मेहनत, समाज के प्रति जिम्मेदारी आदि को सीखा जो जीवन भर सहायक रहा।

एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डा. बलविंदर शुक्ला ने कहा कि कोविड के पिछले दो सालों में व्यापार, शिक्षण आदि में काफी परिवर्तन दिखाई दिये है। व्यापारिक नेतृत्वकर्ता को संकट में अवसरों को पहचानना आना चाहिए यह केवल व्यापारिक स्थायित्व के नही बल्कि व्यापार के सतत विकास के लिए आवश्यक है। इस सम्मेलन का उददेश्य प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञों से छात्रों को अवसरों को पहचानने का मार्गदर्शन प्रदान करना था। उन्होनें छात्रों को कौशल विकसित करने, नये विचारों और तकनीकों का उपयोग व्यापार के लिए करने, परिणाम आधारित दृष्टिकोण विकसित करने की सलाह दी।

एमिटी सांइस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्ल्यू सेल्वामूर्ती ने कहा कि एमिटी, शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक ब्रांड बन गया है, आने वाले समय नेतृत्व युग है इसलिए यह सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण है कि भविष्य के युवा नेतृत्व को किस प्रकार तैयार करना है।

एमिटी के फैकल्टी ऑफ मैनजमेंट स्टडीज के डीन डा. संजीव बंसल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के विभिन्न सत्रों की बृहद जानकारी दी। सम्मेलन के समापन पर एमिटी बिजनेस स्कूल की सीआरसी प्रमुख और वरिष्ठ जीएम कृतिका दासगुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।