नोएडा। एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का शनिवार को समाप्त हो गया। कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंट और ऑटोमेट यूअर वर्ल्ड के थीम पर आयोजित इस सम्मेलन के समापन समारोह में देश विदेश के तमाम विशेषज्ञों ने विचार रखे। मलेशिया के सारावाक स्टेट गवर्मेंट के डिजिटल इकोनॉमी के मुख्य सलाहकार और मुख्य वैज्ञानिक डा. जगदत्त सिंह, यूएसए के पेन स्टेट्स सेंटर फॉर हयूमन कंप्यूटर इंटरेक्शन के निदेशक डा. जॉन ए कौरोल और लॉरेंस टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डा. टारेके सोभ को एमिटी स्कूल ऑफ इंजिनयिरिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसरशिप की मानद उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त एमिटी के पूर्व छात्र और मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्री जापान में इंजिनियिर यश आनंद, एमिटी की पूर्व छात्रा और आयरलैंड के एरिक्सन में सीनियर क्लाउड इंटीग्रेशन इंजिनियरिंग तन्वी खुराना को एमिटी अल्युमनी यंग आईटी एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

लॉरेंस टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डा. टारेके सोभ ने कहा कि छात्रों में रचनात्मकता और नवाचार की संस्कृति को विकसित करना होगा। 21वीं सदी की समस्याओं के निवारण के लिए बहुविषयक शिक्षण और शोध को बढ़ावा देना होगा। हमें सुनिश्चित करना होगा कि छात्र अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर उद्योगों और समाज की समस्याओ ंके निराकरण के लिए कार्य करें।

यूएसए के पेन स्टेटस सेंटर फॉर ह्यूमन कंप्यूटर इंटरेक्शन के निदेशक डा. जॉन ए कौरोल ने कहा कि तकनीकी हस्तातंरण और विकास वर्तमान में वृहद गति से हो रहा है, जबकि पहले इसकी गति कम थी। हार्डवेयर, साफ्टवेयर, एप्लीकेशन और सेवाओं सभी में बदलाव आ रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर साइंस में कार्य कर रहे युवाओं से अपेक्षा है कि वे बदलाव लाएंगे। आज हम जिन चुनौतीयों और अवसरों की बात करते है युवा छात्रों के व्यवसायिक जीवन में शायद नई चुनौतियां और अवसर आ जाएं, इसलिए हमें उन्हें भविष्य की समस्या के निवारण के लिए तैयार करना होगा।

मलेशिया के सारावाक स्टेट गर्वरमेंट के डिजिटल इकोनॉमी के मुख्य सलाहकार और मुख्य वैज्ञानिक डा. जगदत्त सिंह ने कहा कि हमारा उददेश्य अर्थव्यवस्था में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना है। किसी भी औद्योगिकण में तकनीकी की विशेष भूमिका रहती है। अग्रणी तकनीकी जैसे एआई, 5जी, मशीन लर्निंग को आत्मसात करने के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। तकनीकी तेजी से बदल रही है, इसलिए कौशल को विकसित करना और अपडेट करना आवश्यक है।

एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा. अशोक कुमार चौहान ने कहा कि विश्व में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में सूचना प्रौद्यागिकी का महत्व बढ़ गया है। हमें विभिन्न क्षेत्रों में और भी आधुनिक उपकरणों, मशीनों की आवश्यकता होगी। ऐसे समय में यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भारत का सुपर पावर बनाने की दिशा में एक और कदम है। हम विश्व को दिखा देंगे कि हमारे पास सबसे कुशल प्रतिभावान मानव संसाधन है। यह सम्मेलन शोधार्थियों, उद्यमियों और अकादमिको का मार्गदर्शन करेगा।

यूके के डी मांटफोर्ट विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपनिदेशक प्रो. शेंगजिनाय यांग ने इंस्टीटयूट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उद्देश्य, शोध कार्यों, शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के संर्दभ में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों पर की गई चर्चा युवा शोधार्थियों के लिए अत्यंत सहायक होगी और आपसी सहभागिता को विकसित करेगी।

क्वीन यूनिवर्सिटी बेलफास्ट के सेंटर फॉर इंटेलिजेंट ऑटोमॉनस मैनुफैक्चरिंग सिस्टम के निदेशक डा. सीन मैकलून ने इंटेलीजेस ऑटोनॉमस मैनुफैक्चरिंग सिस्टम के मुख्य क्षेत्र, जैसे कोआपरेटिव मल्टी रोबोट एंड ऑटोनॉमस सिस्टम, पैरेलेल रोबोट, एडवांस मशीनिंग, मैट्रोलॉजी एनेबल्ड मैनुफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डाटा विश्लेषण के बारे में बताया। सूचना प्रौद्योगिकी, सतत विकास लक्ष्यों को पूर्ण करने का माध्यम है। आज आईटी क्षेत्र का समाज पर प्रभाव है, जिसमें हम ई-कामर्स उद्योग, सोशल मीडिया आदि को देख रहे हैं।

एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त प्रमुख डा. अभय बंसल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 18 देशों से 60 से अधिक विशेषज्ञों और विद्वानों ने विचार रखे। इसके अतिरिक्त विभिन्न अकादमिकों, शोधार्थियों, छात्रों आदि द्वारा 400 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। यह सम्मेलन हमारे आपसी सहयोग का प्रारंभ है, जो आने वाले समय में और भी प्रगाढ़ होगा।

स्पिंगर नेचर गु्रप की एप्लाइड सांइस और इंजीनियरिंग की संपादक कामिया खट्टर ने स्पिंगर नेचर के कार्यों और पब्लिकेशन एथिक्स के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में एमिटी स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त प्रमुख डा. मनोज पांडेय, डीन डा. केएम सोनी भी मौजूद थे।